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ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस – All India trade union Congress

All India trade union Congress ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस

All India trade union Congress

All India trade union Congress
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की स्थापना –

1919 ईस्वी में अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ( International Labor Organization) की स्थापना के पश्चात,वर्ष 1920 ईस्वी में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन (All India Trade Union Congress) कांग्रेस की स्थापना हुई,
इसकी स्थापना 107 ट्रेड यूनियनों के मिलने से हुई।



ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस
All India Trade Union Congress

1919 ईस्वी में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की स्थापना के बाद,
भारत के श्रमिक संगठनों ने आपस में मिलकर एक यूनियन बनाने का निर्णय लिया

जिसके पश्चात एनएम जोशी All India Trade Union Congress के प्रतिनिधि के रूप में अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ( I. L. O) गए।

All India Trade Union Congress के संस्थापक एवं जोशी थे,
जिनके द्वारा All India Trade Union Congress की स्थापना 1920 ईस्वी में बम्बई में की गई।

ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (All India Trade Union Congress) के अध्यक्ष

लाला लाजपत राय All India Trade Union Congress  के अध्यक्ष तथा जोसेफ बैपटिस्टा इसके उपाध्यक्ष थे।
दीवान चमनलाल All India Trade Union Congress के महामंत्री बनाए गए।

All India Trade Union Congress  में प्रथम विभाजन-
First division in A.I.T.U.C.

1929 के नागपुर अधिवेशन में साम्यवादियों एवं सुधार वादियों के बीच मतभेद होने के पश्चात दक्षिणपंथी ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस से अलग हो गए,
जिसके बाद इंडियन ट्रेड यूनियन फेडरेशन (Indian Trade Union Federation)
का गठन किया गया,
जिसका नेतृत्व एनएम जोशी और वीवी गिरी द्वारा किया गया।

All India Trade Union Congress  में दूसरा विभाजन-
Second division in A.I.T.U.C.

वर्ष 1931 में रणदिवे और देशपांडे के नेतृत्व में रेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (Red Trade Union Congress ) का गठन हुआ और R.T.U.C के रूप में All India trade union Congress में दूसरा विभाजन हुआ।


संयुक्त अधिवेशन –
Joint Session

वर्ष 1934 में Red Trade Union Congress तथा वर्ष 1938 में  All India Trade Union Congress में मिल गए।
जिसके पश्चात 1938 में नागपुर में इन का संयुक्त अधिवेशन हुआ।
1925 में कलकत्ता में सर्वप्रथम मजदूर किसान पार्टी का गठन किया गया।


अखिल भारतीय मजदूर एवं किसान पार्टी का गठन

1928 में सभी प्रांतीय दलों ने मिलकर अखिल भारतीय मजदूर एवं किसान पार्टी का गठन किया।
सोहन लाल जोशी की अध्यक्षता में इसका पहला अधिवेशन कोलकाता में किया गया।

1928 में बम्बई के कपड़ा मिलों के मजदूरों ने 6 महीने की सबसे बड़ी हड़ताल की जिसमें डेढ़ लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया।

द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात मजदूर गतिविधियों में कुछ कमी आई परंतु 1945 के बाद मजदूर गतिविधियां फिर से तेज हुई तथा कांग्रेस ने “इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस” का गठन किया जो A.I.T.U.C से ही निकला था।

 

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